पुरूषों में शुक्राणुओं की कमी के कारण

जानें, क्यों हो जाती है पुरूषों में शुक्राणुओं की कमी!

ऐसी कुछ बहुत ही आम चीजें हैं, जिनसे व्यक्ति यह महसूस करता है कि कहीं न कहीं उसकी प्रजनन क्षमता प्रभावित हो रही है या कम हो रही है। ये कारण शराब वगैरह पीने से शुरू होते हैं और कुछ हानिरहित कैफिन के सेवन से भी होते हैं।

तो आइए देखते हैं कि ऐसी कौन-कौन सी आदते हैं, जिनके कारण शुक्राणुओं की संख्या में कमी आ सकती है और व्यक्ति की प्रजनन क्षमता कम हो सकती है।

1. बासी मांस खाने से शुक्राणु की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचता है।

2. अत्यधिक समय तक गोद में लैपटॉप लेकर काम करने से शुक्राणुओं की संख्या में कमी आ सकती है। क्योंकि इससे पुरूष के गुप्तांग पर लैपटाॅप का दबाव और इसके हीट के कारण वीर्य प्रभाावित होता है।

3. हार्मोन का असंतुलित होना भी शुक्राणुओं की कमी का कारण बनता है।

4. यदि कोई आदमी कम वजन या अधिक वजन वाला होता है, तो इस कारण से भी उसके शरीर में शुक्राणुओं का निर्माण बहुत कम मात्रा में होता है। इसलिए पुरूष को चाहिए कि वह अपने वजन का सही संतुलन बनाये रखे, ताकि भविष्य में उसे अपने परिवार को बढ़ाने में(संतान उत्तपत्ति) परेशानी ना आये।

5. अधिक समय तक तेज गर्मी के सम्पर्क या वातावरण में रहने से शुक्राणुओं की संख्या में कमी आती है।

6. अत्यधिक धूम्रपान से भी शुक्राणुओं की संख्या में कमी आती है।

7. अधिक तनाव के कारण भी शुक्राणुओं की संख्या घट जाती है।

8. ज़ाइलिन, पेंटिंग सामग्री और धातु जैसे धातुओं के नियमित और निरंतर संपर्क में रहने से भी शुक्राणुओं का निर्माण कम होता है।

9. सनस्क्रीन लोशन में मौजूद रसायन व्यक्ति के शुक्राणुओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए किसी भी सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना चाहिए।

10. Sex Toys के इस्तेमाल के कारण भी पुरुषों में बांझपन की समस्या आने लगती है।

11. डिब्बाबंद भोजन का नियमित सेवन भी शुक्राणुओं की संख्या को कम करने में योगदान कर सकता है।

12. नियमित शराब पीने की लत टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करती है, जिससे शुक्राणु की गुणवत्ता और उत्पादन कम हो जाता है।

13. कैफीन के अत्यधिक सेवन से शुक्राणुओं की संख्या में भी कमी आती है।

Purushon Me Shukranuyon Ki Kami Ke Karan

14. व्यायाम और आलस्य की कमी से शुक्राणुओं की संख्या काफी हद तक कम हो जाती है।

नोट: ऊपर बताई गई कुछ चीजों का सेवन शायद कम फायदेमंद हो सकता है, लेकिन समस्या तब होती है, जब इनका सेवन अत्यधिक, नियमित और सीमा से अधिक होता है। इसलिए ऐसी चीजों का कम मात्रा में इस्तेमाल करें, जिनसे आपके शुक्राणुओं की संख्या में कमी आती हो या फिर शुक्राणु प्रभावित होते हों।

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