मर्दाना ताकत के लिए अपनायें ये देसी नुस्खे

मर्दाना ताकत-

बचपन में की गई गलतियों व बुरी संगति के कारण होने वाले पुरूषों के गुप्त रोगों में से एक है मर्दाना कमजोरी। पुरूषों के गुप्त रोग जैसे शीघ्रपतन, स्वप्नदोष और नपुंसकता आदि, ये सब उन्हें शारीरिक रूप से तो परेशान करते ही हैं, बल्कि मानिसक रूप से भी उन्हें अंदर ही अंदर खोखला कर देते हैं। उनमें हीनभावना भर जाती है, इसके अलावा आत्मविश्वास की भी कमी हो जाती है।

ऐसे ही मर्दाना कमजोरी के कारण कुंवारे पुरूष, शादी का नाम सुनते ही घबराने लगते हैं, वहीं शादीशुदा पुरूषों को भी पत्नी के सामने हर रात शर्मिन्दगी का बोझ ढोना पड़ता है। पत्नी को संतुष्ट न कर पाने की स्थिति में पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट आने लगती है। कभी-कभी तो बात इतनी बढ़ जाती है कि घर टूटने तक की नौबत आ जाती है।

मर्दाना ताकत पाने के देसी उपाय-

1. छोटा गोखरू 125 ग्राम लेकर चूर्ण तैयार करें और उसको थोड़े घी में भूनकर 250 ग्राम शहद मिलाकर रख लें। सुबह 12 ग्राम खिलाकर ऊपर से दूध पिलायें। बहुत मर्दाना शक्ति उत्पन्न करता है।

2. असगन्ध नागौरी, कौंच के बीज की गिरी, सालब मिश्री समभाग लेकर चूर्ण बना लें। 3 ग्राम की मात्रा में 12 ग्राम शहद मिलाकर सुबह दूध के साथ खिलायें। जबर्दस्त मर्दाना ताकत प्राप्त होगी।

3. पान की जड़, असगन्ध नागौरी, सफेद मूसली समभाग लेकर मैदा की भांति चूर्ण बनायें। तमाम दवाओं के समभाग खांड मिलाकर रख लें। 6 ग्राम सुबह-शाम गर्म दूध के साथ खिलायें। मर्दाना शक्ति के लिए अनुभूत योग है।

4. दालचीनी का तेल, लौंग का तेल, बादाम का तेल, जमालगोटा का तेल, पिस्ता का तेल। ये सब समभाग लेकर मिलाकर रख लें। रात को सोते समय सुपारी और सीवन बचाकर इन्द्री पर एक बूंद मल दिया करें और ऊपर से पान का पत्ता बांधें तो शिश्न के टेढ़ेपन, पतलेपन और असमानता को दूर करके उसको शक्तिशाली बनाती है।

5. शुद्ध भिलावे 12 ग्राम, साफ किये हुए तिल 36 ग्राम, नारियल की गिरी, अखरोट की गिरी प्रत्येक 24 ग्राम। पहले शुद्ध भिलावे और तिलों को इतना कूटें कि दोनों वस्तुएं एक समान होकर मोम की भांति नरम हो जायें। फि गिरियां मिलाकर इतना अधिक कूटें कि सब वस्तुएं मिलकर एक हो जायें। सहनशक्ति के अनुसार 1 से 4 ग्राम तक डेढ़ किलो दूध के साथ सुबह के समय खिलायें। यह दवा बूढ़ों को जवान बनाती है और मर्दाना शक्ति में वृद्धि करती है तथा कामोत्तेजना उत्पन्न करती है।

6. इन्द्रजौ, तारामीरा के बीज, शलजम के बीज, उटंगन के बीज, सब दवायें समभाग लेकर चूर्ण बना लें। 3-4 ग्राम चूर्ण 12 ग्राम मधु में मिलाकर प्रातः गाय के दूध के साथ खिलायें। जबर्दस्त मर्दाना शक्ति उत्पन्न होती है।

7. सोेंठ, जावित्री, काकोली, भंग के बीज प्रत्येक 15 ग्राम, शतावरी, प्याज के बीज, तारामीरा के बीज, उटंगन के बीज प्रत्येक 10 ग्राम, खसखस के बीज 3 ग्राम चूर्ण बनाकर रख लें। 3 से 6 ग्राम तक मधु मिले गाय के दूध के साथ खिलायें। मर्दाना शक्ति बढ़ाती है और कामोत्तेजना उत्पन्न करती है।

Mardana Taqat Ke Liye Apnayen Ye Desi Nuskhe

8. पान की जड़, सोंठ प्रत्येक 12 ग्राम, पिस्ते की गिरी 48 ग्राम, इन तीनों को बारीक पीसकर चूर्ण बना लें। इस तैयार चूर्ण की 6 ग्राम मात्रा गाय के दूध के साथ खिलायें। मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए सफल योग है।

9. दो वर्षीय सिम्बल वृक्ष की जड़ लेकर इसको छाया में सुखायें। फिर उसका चूर्ण बनाकर दो गुणा मधु मिलाकर रख लें। 10 ग्राम दवा सुबह-शाम दूध के साथ 40 दिन तक खिलायें। इस योग से मर्दाना शक्ति उत्पन्न होती है।

10. नकछिकनी, सफेद मूसली, शतावरी, कौंच के बीजों की गिरी, उटंगन के बीज, क्षीर काकोली प्रत्येक 24 ग्राम, सफेद बहमन 6 ग्राम। सबको चूर्ण बनाकर अर्क गुलाब में घोंटकर थोड़ा मधु मिलाकर 21 गोलियां बना लें। एक गोली गाय के दूध के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम खिलायें। मर्दाना शक्ति को बढ़ाने के अनुभूत योग हैं।

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *