मर्दाना कमजोरी (Sexual Debility)-

मर्दाना कमजोरी की समस्या में पुरूष, स्त्री के साथ मैथुन अथवा संभोग करने में असमर्थ हो जाता है। या फिर संभोग करने का प्रयास भी करते तो उसमें असफल ही रह जाता है, जिस कारण न तो स्त्री को संतुष्टि प्राप्त होती है और ना पुरूष को आनंद मिल पाता है। मर्दाना कमजोरी को अंग्रेजी में ‘सेक्सुअल डेबिलिटी’(क्मइपसपजल) कहते हैं।

मर्दाना कमजोरी दूर करने की देसी विधियाँ-

1. छोटा गोखरू 125 ग्राम लेकर चूर्ण तैयार करें और उसको थोड़े घी में भूनकर 250 ग्राम मधु मिलाकर रख लें।

2. असगन्ध नागौरी, कौंच के बीज की गिरी, सालब मिश्री समभाग लेकर चूर्ण बना लें। 3 ग्राम की मात्रा में 12 ग्राम मधु मिलाकर प्रातः समय दूध के साथ खिलायें। जबर्दस्त मर्दाना शक्ति उत्पन्न करती है।

3. पान की जड़, असगन्ध नागौरी, सफेद मूसली समभाग लेकर मैदा की भांति चूर्ण बनायें। तमाम दवाओं के समभाग खांड मिलाकर रख लें। 6 ग्राम सुबह-शाम गरम दूध के साथ खिलायें। मर्दाना शक्ति के लिए अनुभूत योग है।

4. दालचीनी का तेल, लौंग का तेल, बादाम का तेल, जमालगोटा का तेल, पिस्ता का तेल। ये सब समभाग लेकर मिलाकर रख लें। रात को सोते समय सुपारी और सीवन बचाकर इन्द्री पर एक बूंद मल दिया करें और ऊपर से पान का पत्ता बांधे तो शिश्न के टेढ़ेपन, पतलेपन और असमानता को दूर करके उसको शक्तिशाली बनाती है।

5. शुद्ध भिलावे 12 ग्राम, साफ किये हुए तिल 36 ग्राम, नारियल की गिरी, अखरोट की गिरी प्रत्येक 24 ग्राम। पहले शुद्ध भिलावे और तिलों को इतना कूटें कि दोनों वस्तुएं एक समान होकर मोम की भांति नरम हो जायें। फिर गिरियाँ मिलाकर इतना अधिक कूटें कि सब वस्तुएं मिलकर एक हो जायें। सहनशक्ति के अनुसार 1 से 4 ग्राम तक आधा किलो दूध के साथ सुबह के समय खिलायें। यह दवा बूढ़ों को जवान बनाती है और मर्दाना शक्ति में वृद्धि करती है तथा कामोत्तेजना उत्पन्न करती है। कफ और वात प्रकृति के व्यक्तियों के लिए विशेष लाभप्रद है।

6. एक साफ कढ़ाई में 60 ग्राम हीरा कसीस जो खराब होकर सफेद न हो गई हो, डालकर तेज आग पर रखें और उलटते-पलटते रहें। यहां तक कि वह तेज लाल रंग में बदल जाये। फिर उसको आग से उतार कर उसमें से 9 ग्राम की मात्रा में लेकर 1 ग्राम सफेद संखिया मिलाकर 6 घंटे तक जोर से खरल करें और शीशी में भरकर उस पर विष का लेबल लगा दें, क्योंकि यह तीव्र विष है। अब इस विषैली दवा में से 1 ग्राम लेकर खरल में डालें और शेष लाल किया हुआ हीरा कसीस जो अलग पड़ा है, उसमें से 9 ग्राम मिलाकर तीन घण्टे तक जोर से खरल करके रख लें। यह दवा 125 मि.ग्रा. मक्खन या मलाई के साथ खिलायें। इसके प्रयोग से बहुत रक्त उत्पन्न होता है। दुबले-पतले मनुष्य मोटे-ताजे हो जाते हैं। वजन बढ़ जाता है और बुढ़ापा जवानी में बदल जाता है। इस योग से नपंुंसकता पूर्ण रूप से दूर हो जाती है।

7. इन्द्रजौ, तारामीरा के बीज, शलजम के बीज, उटंगन के बीज। ये सब दवायें समभाग लेकर चूर्ण बना लें। 3-4 ग्राम चूर्ण 12 ग्राम मधु में मिलाकर सुबह के समय गाय के दूध के साथ खिलायें। जबर्दस्त मर्दाना शक्ति उत्पन्न होती है।

8. सोंठ, जावित्री, काकोली, भंग के बीज प्रत्येक 15 ग्राम, शतावरी, प्याज के बीज, तारामीरा के बीज, उटंगन के बीज प्रत्येक 10 ग्राम, खसखस के बीज 3 ग्राम चूर्ण बनाकर रख लें। 3 से 6 ग्राम तक मधु मिले गाय के दूध के साथ खिलायें। मर्दाना शक्ति बढ़ाती है और कामोत्तेजना उत्पन्न करती है।

Mardana Taqat Badhane Ke Liye Gharelu Upay

9. पान की जड़, सोंठ प्रत्येक 12 ग्राम, पिस्ते की गिरी 48 ग्राम। सबको चूर्ण बनायें। 6 ग्राम दवा गाय के दूध के साथ खिलायें। मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए सफल योग है।

10. दो वर्षीय सिम्बल वृक्ष की जड़ लेकर इसको छाया में सुखायें। फिर उसका चूर्ण बनाकर दो गुणा मधु मिलाकर रख लें। 10 ग्राम दवा सुबह-शाम दूध के साथ 40 दिन तक खिलायें। इस योग से मर्दाना शक्ति उत्पन्न होती है।

11. नकछिकनी, सफेद मूसली, शतावरी, कौंच के बीजों की गिरी, उटंगन के बीज, क्षीर काकोली प्रत्येक 24 ग्राम, सफेद बहमन 6 ग्राम। इन सबका चूर्ण बनाकर अर्क गुलाब में घोंट कर थोड़ा मधु मिलाकर 21 गोलियां बना लें। एक गोली गाय के दूध के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम खिलायें। मर्दान शक्ति को बढ़ो के अनुभूत योग है।

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